एंट्री लेवल और निचले स्‍तर के सरकारी कर्मचारी भी रह सकेंगे अब बड़े फ्लैट में  – CPWD ने शुरू की पुनर्विकास योजना

एंट्री लेवल और निचले स्‍तर के सरकारी कर्मचारी भी रह सकेंगे अब बड़े फ्लैट में  – CPWD ने शुरू की पुनर्विकास योजना

एंट्री लेवल और निचले स्‍तर के सरकारी कर्मचारी भी रह सकेंगे अब बड़े फ्लैट में  – CPWD ने शुरू की पुनर्विकास योजना

हालाँकि, पुनर्विकास योजना के तहत, टाइप II को 70 वर्ग फुट कारपेट एरिया तक बढ़ा दिया जाएगा और टाइप I क्‍वार्टरों को खत्‍म करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली: केन्‍द्र सरकार के एंट्री-लेवल और निचले स्तर के कर्मचारी जो वर्तमान में भीड़भाड़ वाले एक कमरे या दो कमरों के आवास में रहते हैं, जल्द ही स्‍पेशियस फ्लैट में रह सकेंगे। केन्‍द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्‍ल्‍युडी) के पुनर्विकास योजना के तहत अब प्रत्येक फ्लैट में यूरोपीय शैली के वॉशरूम, बड़े लिविंग रूम, मॉड्यूलर किचन, ग्रेनाइट फ़्लोरिंग और हरे-भरे आवासीय कॉलोनियों के के साथ अत्याधुनिक सुविधाएँ होंगी।

वर्तमान में, टाइप II क्वार्टर में 45 वर्ग फुट के कारपेट एरिया में दो छोटे कमरे, एक किचन और एक टॉयलेट होता है, जबकि टाइप- I के क्वार्टर में एक कमरे और एक किचन के साथ 30 वर्ग फुट का कारपेट एरिया होता है। हालाँकि, पुनर्विकास योजना के तहत, टाइप II को 70 वर्ग फुट कारपेट एरिया तक बढ़ा दिया जाएगा और टाइप I क्‍वार्टरों को खत्‍म करने का फैसला किया है।

इन फ्लैटों में अच्छे सौंदर्यशास्त्र, भारतीय और यूरोपीय शैलियों के दो-टॉयलेट बाथरूम, सामान्य क्षेत्रों, मॉड्यूलर बालकनी, ग्रेनाइट फर्श, बड़े बालकनियों और लिविंग रूम के लिए टाइलयुक्त फर्श, यूपीवीसी खिड़कियां होंगी। सीपीडब्ल्यूडी वर्तमान में मोहम्मदपुर, त्यागराज बागर, श्रीनिवासपुरी और कस्तूरबा नगर में केंद्र सरकार की आवासीय कॉलोनियों के पुनर्विकास पर काम कर रहा है।

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इन चार स्थानों पर कुल 9,990 फ्लैट बनाए जाएंगे। महानिदेशक, CPWD विनीत कुमार जायसवाल ने कहा कि इन फ्लैटों पर तेजी से काम चल रहा है और इसके मार्च-अप्रैल 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। “इन स्थानों पर स्थित आवास बहुत पुराने हो गए हैं और हमेशा और अधिक घरों की मांग बनी रहती है। सरकार ने टाइप II क्वार्टर के मानक को बढ़ाने का भी फैसला किया है। टाइप II क्वार्टर एंट्री-लेवल या लोअर रैंक के सरकारी अधिकारियों को आवंटित किए जाते हैं। अत: उपरोक्‍त चार कॉलोनियों को पुर्नविकसित करने का निर्णय लिया गया है।

श्रीनिवासपुरी और कस्तूरबा नगर में बड़े आवासिय परिसर भी होंगे जहां टाइप II से टाइप VI तक के सभी प्रकार के फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सभी योजना और प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं और अधिकारी दिल्ली सरकार से के मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, पहली बार श्रीनिवासपुरी में 30 मंजिला सरकारी आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। यह पूरे देश में इस तरह का पहला आवासीय क्वार्टर होगा।

श्रीनिवासपुरी में सभी प्रकार के कुल 4,994 फ्लैट प्रस्तावित हैं। पहले चरण में 2,408 क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा। “यह एक ऐसा परिसर होगा जहां मार्केट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्क, पुलिस स्टेशन और अन्य सुविधाएं सामान्‍य दूरी में ही मिलेगी। एक अन्य अधिकारी मनोहर लाल ने कहा कि इसके अलावा ये सभी इमारतें भूकंप-रोधी भी होंगी।

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उक्‍त अधिकारी ने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी इन मकानों के निर्माण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है और ये प्रौद्योगिकियां कम खर्चीली और तेजी से पूरा होने वाली हैं। “इन कॉलोनियों के लिए उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीक को मोनोलिथिक तकनीक कहा जाता है जिसमें सभी दीवारें आरसीसी और पूर्ण फोम वर्क के साथ बनाई जाती हैं। यदि हम 12 मंजिला इमारत बनाना चाहते हैं, तो यह व्यावहारिक रूप से चार महीने की अवधि में पूर्ण हो जाता है। सरकारी अधिकारी ने कहा यह भी कहा कि इस कारण से इस तकनीक के साथ, हम 18 महीनों में इस परियोजना को पूर्ण कर सकते हैं, ”

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