8th CPC Latest News: ToR विवाद, पेंशन रिविज़न और DA मर्ज करने पर कर्मचारियों की चिंता और उस पर सरकार का रूख
केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. आठवे वेतन आयोग को लेकर पिछले कई महीनों से खबरों में चल रहे सस्पेंस से पर्दा उठने वाला है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आने वाले 2 दिसंबर को राज्यसभा में आठवें वेतन आयोग और DA/DR पर सवालों के जवाब दे सकती हैं. 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस से लेकर सरकारी कर्मचारियों को immediate relief तथा DA/DR के बेसिक पे या पेंशन में मर्ज करने जैसे कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं.
राज्य सभा द्वारा प्रकाशित प्रश्नों की लिस्ट के अनुसार आगामी 2 दिसम्बर 2025 को राज्यसभा के सदस्य जावेद अली खान और रामजीलाल सुमन द्वारा निम्नलिखित तीन सवाल पूछे जाने हैं:
- क्या केंद्र सरकार ने 8वें पे कमिशन के गठन की अधिसूचना जारी की है? हां तो उसकी पूरी जानकारी और टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) के विवरण क्या हैं?
- क्या सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को तुरंत राहत देने के लिए मौजूदा डीए और डीआर को बेसिक पे के साथ मर्ज करने जा रही है? अगर हां, तो इसके भी विवरण क्या हैं? यदि नहीं तो इसके पीछे की वजह क्या है?
- क्या 8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन का प्रस्ताव शामिल है या नहीं? यदि नहीं तो वजह क्या है?
मिडिया रिपोर्ट:
मिडिया में चल रही खबरों के मुताबिक संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा सदस्यों द्वारा पूछे गए उपरोक्त सवालों के जवाब खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दे सकती हैं.
आठवे वेतन आयोग की मुख्य बातें:
आपको बताते चलें कि सरकार द्वारा जारी 8वें पे कमीशन के फॉर्मल टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस (ToR) में सभी मौजूदा पेंशनर्स के लिए पेंशन रिविज़न का साफ़ तौर पर ज़िक्र नहीं है, जिससे अलग-अलग एम्प्लॉई और पेंशनर यूनियनों में चिंता और विरोध हुआ है। हालाँकि, सरकारी अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि पेंशन रिविज़न अपने आप शामिल हो जाएँगे, जो पहले के तरीके के हिसाब से है।
पेंशन रिविज़न और 8वें पे कमीशन के बारे में खास बातें:
पिछले 3 नवंबर, 2025 को मंज़ूर 8वें पे कमीशन के ऑफिशियल टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस में, पिछले पे कमीशन के उलट, मौजूदा पेंशनर्स के लिए पेंशन रिविज़न के लिए कोई क्लॉज़ नहीं है।
नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC JCM) स्टाफ़ साइड ने माननीय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर पेंशन रिविज़न और दूसरे फ़ायदों को स्पष्ट तौर पर शामिल करने के लिए ToR में बदलाव की माँग की है।
सरकार का रुख:
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कर्मचारी यूनियनों को यह भरोसा दिलाया है कि पेंशन और फैमिली पेंशन में बदलाव स्वत: ही हो जाएगा, भले ही ToR में साफ़ तौर पर ज़िक्र हो या न हो, ताकि मौजूदा कर्मचारियों की बदली हुई सैलरी के साथ बराबरी पक्की हो सके।
क्या हुआ था 7वें CPC में:
7वें CPC में पेंशनर्स को कवर किया गया था, क्योंकि पेंशन कैलकुलेशन मौजूदा कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर से जुड़ी होती है।
क्या है कर्मचारियों के नाराजगी की वजह:
टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस (ToR) में स्पष्ट रूप से पेंशन/पारिवारिक पेंशन रिविज़न, “नॉन-कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम की अनफंडेड कॉस्ट” शब्द का शामिल होना, और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) से जुड़े मुद्दों ने पेंशनर कम्युनिटी में अनिश्चितता और नाराज़गी पैदा कर दी है।


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