पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर सरकार का रूख स्पष्ट, NPS में सुधार का विकल्प है UPS

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर सरकार का रूख स्पष्ट, NPS में सुधार का विकल्प है UPS
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से विगत 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने सरकार की स्थिति स्पष्ट किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि राजकोष पर अस्थिर वित्तीय दायित्व के कारण पुरानी पेंशन योजना से हटकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को अपनाया गया था। वहीं NPS से जुड़े कर्मचारियों के पेंशन लाभों में सुधार के लिए एक विकल्प के रूप में दिनांक 1 अप्रैल 2025 से युनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लागू किया जा चुका है।
OPS की बहाली पर सरकार ने क्या कहा
लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न संख्या 3636 के अंतर्गत यह पूछा गया था कि केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार का आधिकारिक रूख क्या है तथा इस संबंध में राजकोषीय गणना और नीतिगत विश्लेषण क्या किया गया है।
इसके जवाब में सरकार ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना से अलग होने का निर्णय सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अस्थिर वित्तीय दायित्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
सरकार ने यह भी कहा कि राज्य सरकारों द्वारा OPS बहाली का निर्णय संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
इस संबंध में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने भी अपनी हालिया राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिर्पोटों में राज्यों द्वारा ओपीएस में वापस जाने के वित्तीय प्रभावों को रेखांकित किया है।
NPS में सुधार के लिए गठित समिति
NPS कर्मचारियों के पेंशन लाभों में सुधार के उद्देश्य से तत्कालीन वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के उपरान्त NPS में सुधार के उपायों पर विचार किया।
समिति की सिफारिश
समिति ने हितधारकों से विचार-विमर्श के उपरान्त United Pension Scheme (UPS) को एक विकल्प के रूप में लागू करने का सुझाव दिया। इसे 01 अप्रैल 2025 से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य NPS के दायरे में आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को महंगाई से जुड़ा परिभाषित लाभ (inflation-linked defined benefit) उपरलब्ध कराना है।
UPS के तहत न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन भुगतान का प्रावधान किया गया है। UPS एक कोष-आधारित भुगतान प्रणाली है, जो कर्मचारी तथा नियोक्ता (केंद्र सरकार) दोनों द्वारा नियमित एवं समयबद्ध रूप से किए गए अंशदान के संचय और उसके निवेश पर निर्भर करती है ताकि इसी व्यवस्था के माध्यम से सेवानिवृत्ति के पश्चात कर्मचारियों को सुनिश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जा सके।
UPS की प्रमुख विशेषताएं
- UPS, NPS के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में लागू।
- यह 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी।
- सेवानिवृत्ति के पश्चात न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह की सुनिश्चित भुतान का प्रावधान।
- Fund based payout system
- अंशदान और निवेश के आधार पर सेवानिवृत्ति के बाद सुनिश्चित मासिक भुगतान।
निष्कर्ष
लोकसभा में दिए गए वक्तव्य से यह स्पष्ट है कि केन्द्र सरकार OPS की बहाली के लिए तैयार नहीं दिखती है। सरकार ने NPS में सुधार के लिए गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर विकल्प के रूप में UPS को 01 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया है। जिसके पीछे सरकार का तर्क यह है कि OPS छोड़ने के पीछे राजकोषीय दायित्व प्रमुख कारण था।
स्रोत: लोकसभा

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