GPF Subscription : Sum of the monthly subscriptions during a financial year shall not exceed Rs. 5 Lakh

GPF Subscription : Sum of the monthly subscriptions during a financial year shall not exceed Rs. 5 Lakh

GPF Subscription : Sum of the monthly subscriptions during a financial year shall not exceed Rs. 5 Lakh

MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC GRIEVANCES AND PENSIONS
(Department of Pension and Pensioners’ Welfare)
New Delhi, the 15th June, 2022

G.S.R. 96.—In exercise of the powers conferred by the proviso to article 309 and clause (5) of article 148 of the Constitution, and after consultation with the Comptroller and Auditor-General of India in relation to persons serving in the Indian Audit and Accounts department, the President here by makes the following rules further to amend the General Provident Fund (Central Services) Rules, 1960, namely:-

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the General Provident Fund (Central Services) Amendment Rules, 2022.

(2) They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.

2. In the General Provident Fund (Central Services) Rules, 1960 (herein after referred to as the said rules) In rule7, in sub-rule (1), after the second proviso, the following proviso shall be inserted, namely: —

“Provided that the sum of the monthly subscriptions during a financial year together with the amount of arrear subscriptions deposited in that financial year shall not exceed the limit as specified in the second proviso to clause (b) of sub-rule (1) of rule 8,,.

3. In rule 8 of the said rules —

(a) in sub-rule(1), in clause(b), after the proviso, the following proviso shall be inserted, namely: —

“Provided further that the sum of monthly subscriptions in a financial year shall not exceed the threshold limit referred to in sub-clause (i) of clause (c) of the Explanation below sub-rule (2) of rule 9D of the Income Tax Rules, 1962”;

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(b) in sub-rule(4),—

(1) The first proviso shall be omitted;

(2) In the second proviso, the word ‘further’ shall be deleted;

(c) after sub-rule (4), the following sub-rule shall be inserted, namely:—“

(5) The amount of subscription fixed under sub-rule(3) or reduced or enhanced under sub-rule (4) shall be subject to the minimum and maximum limits specified in sub-rule(1)” ;

(d) in rule 10 of the said rules in sub-rule (3), after the proviso, the following proviso shall be inserted, namely:-

‘Provided further that the sum of the monthly subscriptions during a financial year together with arrears of subscription and the interest thereon recovered in that financial year shall, in no case, exceed the limit as specified in the second proviso to clause (b) of sub-rule (1) of rule 8”.

[F. No.3/6/2021-P&PW (F)]
SANJOY SHANKAR, Dy. Secy.

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कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
(पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग)
नई दिल्ली, 15 जून, 2022

सा.का.नि. 96.–राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक और अनुच्छेद 148 के खंड (5) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक से परामर्श करने के पश्चात्‌, सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं) नियमावली, 1960 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌:–

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1. संक्षित नाम और प्रारंभ – (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं) संशोधन नियमावली, 2022 है।

(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।

2. सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं) नियमावली, 1960 में, (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ उक्त नियम कहा जाएगा) नियम 7 में, उप-नियम (1) में, द्वितीय परंतुक के पश्चात्‌, निम्नलिखित परंतुक को अंत: स्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌:–

“परंतु यह कि वित्तीय वर्ष के दौरान मासिक अंशदान का योग उस वित्तीय वर्ष में जमा की गई बकाया अंशदान की रकम के साथ नियम 8 के उप-नियम (1) के खंड (ख) के दूसरे परंतुक में विनिर्दिष्ट सीमा से अधिक नहीं होगा।

3. ऊक्त नियमों के नियम 8 में-

(क) उप-नियम (1) में, खंड (ख) में, परंतुक के पश्चात्‌, निम्नलिखित परंतुक को अंतः स्थापित किया जाएगा,

अर्थात्‌:-

“परंतु यह और कि वित्तीय वर्ष में मासिक अंशदान का योग आयकर नियमावली, 1962 के नियम 9घ के उप-नियम (2) के नीचे दिए स्पष्टीकरण के खंड(ग) के उप-खंड(i) में दी गई सीमा से अधिक नहीं होगा।”;

(ख) उप-नियम (4) में,-

(1) प्रथम परंतुक का लोप किया जाएगा।
(2) द्वितीय परंतुक में, ‘और’ शब्द को हटाया जाएगा।

(ग) उप-नियम (4) के पश्चात, निम्नलिखित उप-नियम को अंत: स्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌:–

“(5) उप-नियम (3) के अधीन निर्धारित या उप-नियम (4) के तहत घटाई या बढ़ाई गई अंशदान की रकम उप-नियम (1) में विनिर्दिष्ट न्यूनतम और अधिकतम सीमाओं के अध्यधीन होगी”;

(घ) उप-नियम (3) में उक्त नियमों के नियम 10 में, परंतुक के पश्चात, निम्नलिखित परंतुक को अंत: स्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌:-

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“परंतु यह और कि वित्तीय वर्ष के दौरान मासिक अंशदान की रकम का योग उस वित्तीय वर्ष में अंशदान की बकाया रकम और वसूल किए गए ब्याज के साथ नियम 8 के उप-नियम (1) के खंड (ख) के दूसरे परंतुक में विनिर्दिष्ट सीमा से किसी भी दशा में अधिक नहीं होगा”।

[फा. सं. 3/6/2021- पी & पी डब्ल्यू (एफ)]
संजय शंकर, उप सचिव

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