ESIC HOSPITALS IN BIHAR / बिहार में ईएसआईसी अस्पताल 

ESIC HOSPITALS IN BIHAR / बिहार में ईएसआईसी अस्पताल 

ESIC HOSPITALS IN BIHAR / बिहार में ईएसआईसी अस्पताल

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT
RAJYA SABHA
STARRED QUESTION NO. 20
TO BE ANSWERED ON 08.12.2022

ESIC HOSPITALS IN BIHAR

20. PROF. MANOJ KUMAR JHA:

Will the Minister of Labour and Employment be pleased to state:

(a) the number of districts in the State of Bihar that do not have any ESI dispensaries or ESIC hospitals;

(b) the total number of workers engaged in unorganized sector in Bihar
who are provided health facilities by ESI dispensaries and ESIC hospitals since May 2022;

(c) whether Government proposes to set up more ESIC hospitals in Bihar, if so, the details thereof;

(d) whether Government has any information and risk management architecture to assess the overall satisfaction among the ESIC beneficiaries, customer experience, grievance redressal and improved health outcomes; and

(e) if so, the details thereof?

ANSWER

MINISTER OF LABOUR AND EMPLOYMENT
(SHRI BHUPENDER YADAV)

(a) to (e): A statement is laid on the Table of the House.

STATEMENT REFERRED TO IN REPLY TO PARTS (a) TO (e) OF RAJYA SABHA STARRED QUESTION NO. 20 FOR 08.12.2022 RAISED BY PROF. MANOJ KUMAR JHA REGARDING ESIC HOSPITALS IN BIHAR.

(a): At present, there are four Employees’ State Insurance (ESI) hospitals in the state of Bihar, two hospitals at Patna district and one hospital each at Munger and Rohtas districts. There are 17 ESI dispensaries in the state of Bihar. Presently, twenty six districts in Bihar do not have any ESI hospital or dispensary.

(b): Since May 2022, a total of 1,411,884 non-Insured Persons have been provided health facilities by the ESIC hospital, Bihta, Patna.

(c): The ESI Corporation has given in-principle approval for setting up of a 100 bedded ESIC hospital at Muzaffarpur (Bihar).

(d) & (e): To assess the overall satisfaction among the ESIC beneficiaries, customer experience including improved health outcomes, the following measures have been taken:-

  1. Field visits by ESI Corporation members/Regional Directors to  ESI health institutions to review/recommend on the status of health services.
  2. Periodical reporting by Medical Superintendents (MSs) of the ESIC hospitals on the status of services provided by respective hospitals.
  3. Monitoring of medical services through online dashboard.
  4. Receipt of regular feedback through patient feedback form, Suvidha Samagam, social media and grievance through emails, various public grievance/ feedback mechanism and qualitative resolution thereof.
  5. Integration of ESIC grievance system with the Central Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS).
View :  Cancer Treatment Facilities to CGHS Beneficiaries – Details सीजीएचएस लाभार्थियों को कैंसर उपचार सुविधाएं

The ESIC has also set up a 24-hour Toll-Free helpline number 1800-11-2526. The facility has been quite helpful, particularly to those beneficiaries who are either illiterate or lack in writing/computer skills.

For quick and on the spot redressal of grievances of beneficiaries, Suvidha Samagams are also periodically arranged at Regional Offices/Sub-Regional Offices/Divisional Offices, which are also attended by the Medical Superintendents of local ESIC/ESI Scheme run state hospitals. In addition to this, video conferences with field units are also arranged periodically by ESIC Headquarters to monitor speedy and appropriate disposal of grievances’ received at various’ ESIC offices/hospitals.

in-parliament-updates

भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
राज्य सभा

तारांकित प्रश्न संखया 20

गुरूवार, 08 दिसम्बर, 2022/17 अग्रहायण, 1944 (शक)

बिहार में ईएसआईसी अस्पताल

‘20. श्री मनोज कुमार झा:

क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) बिहार राज्य में कितने जिलों में कोई कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) औषधालय या कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल नहीं है;

(ख) मई, 2022 से बिहार में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत ऐसे श्रमिकों की कुल संख्या कितनी है जिन्हें ईएसआई औषधालय और ईएसआईसी अस्पतालों द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती है;

(ग) क्या सरकार का बिहार में और अधिक ईएसआईसी अस्पतालों की स्थापना करने का विचार है; यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्‍या है;

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(घ) क्या सरकार के पास ऐसी कोई सूचना और जोखिम प्रबंधन प्रणाली उपलब्ध है जिसके माध्यम से ईएसआईसी के लाभाथियों का आकलन किया जा सके;

और

(ड) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

उत्तर
श्रम और रोजगार मंत्री
(श्री भूपेन्द्र यादव)

(क) से (ड.): एक विवरण सदन के पटल पर रख दिया गया है।

बिहार में ईएसआईसी अस्पतालों के संबंध में प्रो. मनोज कुमार झा दूवारा पूछे गए दिनांक 08.12.2022 को उत्तर के लिए नियत राज्य सभा तारांकित प्रश्न संखया 20 के भाग (क) से (ड.) के उत्तर में संदर्भित अनुबंध

(क): वर्तमान में, बिहार राज्य में चार कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अस्पताल, हैं जिनमें पटना जिले में दो अस्पताल और मुंगेर तथा रोहतास जिले में एक-एक अस्पताल हैं। बिहार राज्य में 17 ईएसआई औषधालय हैं। वर्तमान में, बिहार के छब्बीस जिलों में कोई भी ईएसआई अस्पताल या औषधालय नहीं है।

(ख): मई, 2022 से, ईएसआईसी अस्पताल, बिहटा, पटना द्वारा कुल 1,41,884 गैर-बीमाकृत व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं।

(ग): ईएसआई निगम ने मुजफ्फरपुर (बिहार) में 100 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

(घ) और (ड.): ईएसआईसी लाभार्थियों के बीच समग्र संतुष्टि, बेहतर स्वास्थ्य परिणामों सहित ग्राहक अनुभव का आकलन करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:

  1. स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा/सिफारिश करने के लिए ईएसआई निगम के सदस्यों/क्षेत्रीय निदेशकों दवारा ईएसआई स्वास्थ्य संस्थानों का फील्ड दौरा।
  2. संबंधित अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की स्थिति पर ईएसआईसी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों दवारा समय-समय पर रिपोर्टिंग।
  3. ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं की निगरानी।
  4. रोगी प्रतिक्रिया प्रपत्र, सुविधा समागम, सोशल मीडिया और ईमेल के माध्यम से शिकायत, विभिन्‍न सार्वजनिक शिकायत/प्रतिक्रिया तंत्र और उसके गुणात्मक समाधान के माध्यम से नियमित प्रतिक्रिया प्राप्त करना।
  5. केंद्रीय. लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के साथ ईएसआईसी शिकायत प्रणाली का एकीकरण।
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ईएसआईसी ने 24 घंटे का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2526 भी स्थापित किया है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लाभार्थियों के लिए काफी मददगार रही है जो या तो निरक्षर हैं या उनमें लेखन/कंप्यूटर कौशल की कमी है।

लाभार्थियों की शिकायतों के त्वरित और मौके पर निवारण के लिए समय-समय पर क्षेत्रीय कार्यालयों/उप-क्षेत्रीय कार्यात्रयों/मंडल कार्यालयों में सुविधा समागम की भी व्यवस्था की जाती है, जिसमें स्थानीय ईएसआईसी/ ईएसआई योजना संचालित राज्य अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक भी शामिल होते हैं। इसके अलावा, विभिन्‍न ईएसआईसी कार्यात्रयों/अस्पतालों में प्राप्त शिकायतों के त्वरित और उचित निपटान की निगरानी के लिए ईएसआईसी मुख्यालय द्वारा समय-समय पर फील्ड इकाइयों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की भी व्यवस्था की जाती है।

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