केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण

केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण

केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण

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केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार ने एक कार्यालय आदेश संख्‍या फा. सं. 4-21/2017-आईसी/ई.III(ए) दिनांक 15 अप्रैल, 2021 के अन्‍तर्गत केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के विषय में एक स्पष्टीकरण जारी किया।

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्रालय ने अपने दिनांक 28 नवंबर, 2019 के समसंख्यक का.ज्ञा. की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि दिनांक 28.11.2019 के उक्त का.ज्ञा. के पैरा 7 में जिन कर्मचारियों को दिनांक 01.01.2016 को या इसके बाद नियमित पदोन्नति या वित्तीय उन्‍नयन प्रदान किया गया है तथा जो मूल नियम 22(1)(क)(1) के तहत वेतन निर्धारण के लिए विकल्‍प का प्रयोग/पुन: प्रयोग करना चाहते हैं, को दिनांक 28.11.2019 के उक्त का.ज्ञा. के जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर वेतन निर्धारण के लिए अपने विकल्प का प्रयोग या पुनः प्रयोग करने का अवसर दिया गया था। तथापि, वित्‍त मंत्रालय के दिनांक 28.11.2019 के का.ज्ञा. में दी गई अनुमति के अनुसार वेतन निर्धारण के लिए विकल्प का प्रयोग/पुन: प्रयोग करने में हुए विलंब को माफ करने तथा एक और अवसर प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं क्योंकि कर्मचारी इसमें उल्लिखित वेतन निर्धारण हेतु समय की बाध्यता आदि के कारण अपने विकल्‍प का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं।.

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मंत्रालय में इस मामले पर विचार किया गया है और सक्षम प्राधिकारी ने उक्त का.ज़ा. के पैरा 7 में उल्लिखित शर्तों में आंशिक संशोधन करते हुए, जैसा कि सरकारी कर्मचारियों को दिनांक 28.11.2019 के का.ज्ञा. के तहत अनुमति प्रदान की गई थी, के अनुसार इस कार्यालय ज्ञापन के जारी होने की तारीख से तीन माह के भीतर वेतन निर्धारण के लिए विकल्प का प्रयोग/पुन: प्रयोग करने का एक और अवसर प्रदान करने की अनुमति दे दी है। भविष्य में किसी भी परिस्थिति में विकल्प के प्रयोग हेतु तारीख बढ़ाने या शर्तों में छूट देने संबंधी किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा

दिनांक 28.11.2019 के का.ज्ञा. की अन्य सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।

भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों पर इसकी प्रयोज्यता के संबंध में, ये आदेश संविधान के अनुच्छेद 148(5) के तहत तथा भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक के परामर्श से जारी किए जाते हैं।

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