हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन व हिंदी में अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना-वर्ष 2025: राजभाषा विभाग कार्यालय ज्ञापन दिनांक 18 मार्च 2026

हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन व हिंदी में अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना-वर्ष 2025: राजभाषा विभाग कार्यालय ज्ञापन दिनांक 18 मार्च 2026

हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन व हिंदी में अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना-वर्ष 2025: राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय का कार्यालय ज्ञापन संख्या:12011/01/2025-रा.भा.(का.-2) दिनांक 18 मार्च 2026

संख्या:12011/01/2025-रा.भा.(का.-2)
भारत सरकार
गृह मंत्रालय
राजभाषा विभाग(का.-2)
***

बी विंग, चतुर्थ तल, एन.डी.सी.सी.-2 भवन,
जय सिंह रोड,नई दिल्‍ली-110001,
दिनांक: 18 मार्च, 2026

कार्यालय ज्ञापन

विषय :- हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन व हिंदी में अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना-वर्ष 2025

राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मौलिक रूप से राजभाषा हिंदी में पुस्तक लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए राजभाषा विभाग द्वारा जारी संकल्प संख्या 11034/01/2023-राजभाषा(नीति) दिनांक 22/03/2026 के अनुसरण में “राजभाषा गाँरव पुरस्कार योजना” के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियों व विषयों पर (01.01.2025 से 31.12.2025 के दौरान प्रकाशित) पुस्तकें आमंत्रित की जाती हैं। केवल ‘अनुवाद’ की श्रेणी हेतु विगत दो वर्ष (01.01.2024 से 31.12.2025 के दौरान) की प्रकाशित/अनूदित पुस्तकें प्रविष्टि हेतु आमंत्रित हैं।

i) इंजीनियरी, इल्रेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, जीव विज्ञान, ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान, आयुर्विज्ञान, रसायन विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, मनोविज्ञान तथा समसामयिक विषय जैसे उदारीकरण, भूमंडलीकरण, उपभोक्तावाद, मानवाधिकार, प्रदूषण पर हिंदी में मौल्रिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार।

ii) विधि और पुलिस अनुसंधान, न्यायात्रयिक विज्ञान, अपराधशास्त्र और पुलिस प्रशासन पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार।

iii) संस्कृति, धर्म, कला, धरोहर पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार।

iv) “ग’ भाषा क्षेत्र के लेखक द्वारा हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन (उपरोक्त सभी श्रेणियों के विषयों पर)

v) अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार – कालजयी साहित्य (क्लासिक्स) तथा संस्कृति, कला, धरोहर संबंधी विषयों से संबंधित अनूदित (अंग्रेजी व अन्य भारतीय भाषाओं से) पुस्तकों के लिए।

2. पुरस्कार

क्र.सं. पुरस्‍कार योजना का नाम कुल पुरस्‍कारों की संख्‍या देय राशि प्रमाण पत्र तथा स्‍मृति चिन्‍ह
1. इंजीनियरी, इलेक्‍ट्रानिक्‍स, कंप्‍यूटर विज्ञान, भोतिकी
जीव विज्ञान, ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान, आयुर्विज्ञान, रसायन विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, मनोविज्ञान तथा समसामयिक विषय जैसे उदारीकरण, भूमंडलीकरण, उपभोक्तावाद, मानवाधिकार,
प्रदूषण पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गारव पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार (एक) ₹ 2,00,000/- (दो लाख रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न
द्वितीय पुरस्कार (एक) ₹ 1.25,000/- (एक लाख पच्चीस  (एक) हजार रूपए), प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
तृतीय पुरस्कार (एक) ₹ 75,000/- (पचहत्तर हजार रुपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
प्रोत्साहन पुरस्कार (कुल 03) ₹ 40,000/- (चालीस हजार रुपए प्रति पुरस्कार) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
2. विधि और पुलिस अनुसंधान,  = नन्‍यायालयिक विज्ञान, अपराधशास्त्र और पुलिस प्रशासन आदि विषयों चिहन पर हिंदी में मोलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गारव पुरस्कार प्रथम पुरस्कार (एक) 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति
द्वितीय पुरस्कार (एक) ₹ 1,00,000/- (एक लाख रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार (कुल 02) ₹ 40,000/- (चालीस हजार रूपए प्रति पुरस्‍कार) प्रमाण पत्र तथा स्‍मृति चिन्‍ह
3. संस्कृति, धर्म, कला ,धरोहर आदि पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार प्रथम पुरस्कार (एक) ₹ 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
द्वितीय पुरस्कार (एक) ₹ 1,00,000/- (एक लाख रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न
प्रोत्साहन पुरस्कार (कुल 02)  ₹40,000/- (चालीस हजार रुपए प्रति पुरस्कार) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न
4. ‘ग’ भाषा क्षेत्र के लेखक द्वारा हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार (उपरोक्त सभी श्रेणियाँ के विषय पर) प्रथम पुरस्कार (एक) ₹ 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रूपये) प्रमाण पत्र तथा स्मृति
द्वितीय पुरस्कार (एक) ₹ 1,00,000/- (एक लाख रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
प्रोत्साहन पुरस्कार (कुल 02) ₹ 40,000/- (चालीस हजार रुपए प्रति पुरस्कार) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिहन
5. हिंदी में अनूदित पुस्तकों हेतु राजभाषा गौरव पुरस्कार-
कालजयी साहित्य (क्लासिक्स)
तथा संस्कृति, कला, धरोहर
संबंधी विषयों से संबंधित
अनूदित पुस्तकों के लिए।
प्रथम पुरस्कार (एक) ₹ 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न
द्वितीय पुरस्कार (एक) ₹ 1,00,000/- (एक लाख रूपए) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न
प्रोत्साहन पुरस्कार (कुल 02) ₹ 40,000/- (चालीस हजार रुपए प्रति पुरस्कार) प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिह्न

3. पात्रता :

i). भारत का कोई भी नागरिक इस पुरस्कार योजना में भाग ले सकता है।

ii) पुस्तक उपर्युक्त तालिका में उल्लिखित विषय पर लिखी अथवा अनूदित होनी चाहिए।

4. उपर्यक्त सभी श्रेणियों के लिए सामान्य शर्ते:

i) पुस्तक के एक से अधिक लेखक/अनुवादक होने की स्थिति में प्रत्येक सह-लेखक/सह-अनुवादक द्वारा अलग-अलग प्रोफार्मा भरा जाए।

ii) योजना के अंतर्गत पुरस्कार के लिए वे पुस्तकें ही स्वीकार्य हैं जो लेखक/अनुवादक की मौलिक कृति/अनुवाद हों। लेखक पुस्तक के विषय के अनुसार प्रोफार्मे में उचित विषय का चयन करते हुए ही अपनी प्रविष्टियाँ भेजें।

iii) किसी भी सरकारी संगठन द्वारा पूर्व में पुरस्कृत पुस्तकें पात्र नहीं होंगी। उपर्युक्त योजनाओं के अंतर्गत पुरस्कारों की घोषणा से पहले यदि पुस्तक को अन्य किसी पुरस्कार योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया जाता है तो इसकी सूचना लेखक द्वारा तत्काल राजभाषा विभाग को दी जाए।

iv) योजना के अंतर्गत 01.01.2025 से 31.12.2025 के दौरान प्रकाशित पुस्तकें स्वीकार्य हैं।

v) पुस्तक विषय के बारे में समीक्षात्मक विश्लेषणयुक्त होनी चाहिए। पी.एच.डी. के लिए लिखे गए शोध, कविता, उपन्यास, कहानी, नाटक अथवा पाठय पुस्तक के रूप में लिखी गई पुस्तक इस पुरस्कार योजना हेतु पात्र नहीं होगी।

vi) “’ग’ क्षेत्र के लेखक से संबंधित शर्तें:-

(क) लेखक की मातृभाषा हिंदी न हो।

(ख) लेखक ने अपनी स्कूली शिक्षा सम्बंधित ‘ग’ क्षेत्र के राज्य से पूर्ण की हो (प्रमाण के रूप में 10 वीं व 12 वीं कक्षा के प्रमाण पत्र की प्रति अपेक्षित है)। (‘ग’ क्षेत्र – पूर्वोत्तर के सभी 8 राज्य, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, जम्मू व कश्मीर, ओड़िशा, लक्षद्वीप, पांडिचेरी व पश्चिम बंगाल)

vii) अनुवाद की श्रेणी से संबंधित शर्तें :

(क) इसके अंतर्गत संस्कृति, कला, धरोहर जैसे विषयों पर राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत पुस्तकों, क्लासिक कृतियों एवं प्रसिद्ध लेखकों, विद्वानों व हस्तियों की कृतियों का हिंदी अनुवाद शामिल है।

(ख) इस श्रेणी में विभागीय मैनुअल, पी.एच.डी. के लिए लिखे गए शोध, कविता, उपन्यास, कहानी, नाटक जीवनी, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, यात्रा वृत्तान्त, संस्मरण आदि के रूप में लिखी गई या पाठ्य पुस्तक के रूप में लिखी गई पुस्तकों की अनूदित कृति पात्र नहीं होगी।

(ग) इस श्रेणी के तहत लेखक से अनूदित पुस्तक के साथ-साथ उसकी मूल भाषा की पुस्तक की चार प्रतियाँ प्रेषित करना अनिवार्य होगा।

(घ) इस श्रैणी हेतु प्रारम्भ में विगत दो वर्ष की प्रकाशित/अनूदित पुस्तकें (01.01.2024 से 31.12.2025) प्रविष्टि हेतु आमंत्रित हैं। तत्पश्चात वर्ष 2027 से एक वर्ष पहले अर्थात संबंधित कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी से 31 दिसंबर के दौरान अनूदित व प्रकाशित पुस्तकें स्वीकार्य होंगी।

viii) लेखक/सह-लेखक अथवा अनुवादक/सह-अनुवादक पुस्तक में दिए गए ऑनकड़ों, तथ्यों आदि के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे एवं उनके प्रमाण में जहाँ तक संभव हो, संदर्भ देंगे।

ix) यदि किसी व्यक्ति को राजभाषा विभाग की किसी भी मॉलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में कोई पुरस्कार मित्र चुका हो तो उसकी प्रविष्टि विचारणीय नहीं होगी। तथापि, सहलेखक (यदि कोई हो) योजना में भाग ले सकता है। सहलेखक को पुरस्कार में आनुपातिक राशि ही प्रदान की जायेगी।

x) पुस्तक कम से कम 100 पृष्ठों की हो।

xi) यदि मूल्यांकन समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि प्रविष्टियों में से कोई भी पुस्तक किसी भी पुरस्कार के योग्य नहीं है तो इस संबंध में उसका निर्णय अंतिम माना जाएगा।

xii) यदि पुरस्कार के लिए चुनी गई पुस्तक के लेखक/अनुवादक एक से अधिक होंगे, तो पुरस्कार की राशि उनमें बराबर-बराबर बांट दी जाएगी।

xiii) केवल वे पुस्तकें जिन पर 158)3 होगा, योजना के अंतर्गत शामिल की जाएंगी।

rajbhasha-gaurav-puraskar-yojana-original-book-writing-tranlation-hindi-rajbhasha-vibhag5. प्रविष्टि भेजने की विधि :

i) प्रविष्टि अनुलग्नक में दिए गए प्रपत्र के साथ भेजी जाए अन्यथा उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ii) प्रत्येक प्रविष्टि के साथ पुस्तक की चार प्रतियां भेजें। प्रतियाँ वापिस नहीं की जाएंगी।

iii) एक लेखक/अनुवादक एक योजना में केवत्र एक ही प्रविष्टि भेज सकता है।

iv) प्रविष्टियां 31 मई, 2026 तक राजभाषा विभाग में पहुँच जानी चाहिए।

6. पुस्तकों की मूल्यांकन प्रक्रिया:

पुस्तकों का मूल्यांकन राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर लब्ध-प्रतिष्ठित विदवानों/विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया जाएगा।

7. पुरस्कार के बारे में घोषणा और पुरस्कार वितरण:

i) पुरस्कार के बारे में निर्णय की सूचना सभी पुरस्कार विजेताओं को पत्र द्वारा भेजी जाएगी तथा विभाग की वेबसाइट पर भी रखी जाएगी ।

ii) पुरस्कार वितरण राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित तिथि को किया जाएगा ।

8. सामान्य सूचना:

i) पुरस्कार प्रदान किए जाने अथवा पुरस्कार के लिए पुस्तक चयन की प्रक्रिया के बारे में कोई पत्र-व्यवहार नहीं किया जाएगा।

ii) पुरस्कार प्राप्त करने के लिए नियत स्थान से बाहर से आए हुए पुरस्कार विजेताओं को आने-जाने के लिए रेल का दवितीय श्रेणी वातानुकूलित अथवा वायुयान (इकोनोमी श्रेणी) का किराया तथा भारत सरकार के नियमों के अनुसार दैनिक भत्ता दिया जाएगा। ठहरने की व्यवस्था उन्हें स्वयं के खर्चे पर करनी होगी।

iii) योजना के बारे में सूचना विभाग की वेबसाइट https://rajbhasha.gov.in पर भी उपलब्ध है।

9. प्रविष्टि भेजने का पता:

अनुसंधान अधिकारी(का.)
कार्यान्‍वयन-2 अनुभाग, कमरा सं. 18
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय,
‘बी’ विंग, चतुर्थ तल, एन.डी.सी.सी.-2 भवन,
जय सिंह रोड, नई दिल्‍ली-110001,
फोन- 011-23438143, 011-23438129

(ले. कर्नल राम नरेश शर्मा)
निदेशक, राजभाषा विभाग(का.2)
दूरभाष 011-23438129

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